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महिलाओं को सुरक्षित और स्वस्थ रखेंगे ये एप्लीकेशन

हमारे देश में आज सबसे बड़े सवालों में से एक है महिलाओं की सुरक्षा, क्योंकि पिछले कुछ सालों में परिस्थितियां इतनी खराब हो चुकी हैं कि अब रात के समय टैक्सी या रिक्शा की सवारी लेना मुश्किल लगने लगा है। पिछले कुछ समय से महिलाओं को उनकी सेहत को लेकर या सेफ्टी को लेकर कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती है। चाहे वह स्किन केयर से जुड़ी हो, मासिक धर्म से जुड़ी हो या रोजमर्रा की चीजें। प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ को बैलेंस करने के लिए कुछ स्टार्ट अप ने एप्लीकेशन निकाले है।
 
माया एप
यह एप महिलाओं को उनके हेल्थ से जुड़ी जानकारी देती है। यह एप 2012 में बेंगलुरु के जॉन पॉल ने बनाई थी। जो कि पूरे विश्वभर में 6 मिलियन महिलाओं द्वारा काम में लाई जाती है।
 
सेफ्टीपिन
यह एप 2013 में कल्पना विश्वनाथ और आशीष बासु द्वारा बनाई गई थी। जो महिलाओं की सेफ्टी को देखते हुए बनी थी। जो महिलाएं रात के समय काम पर बाहर रहती है या नाइट शिफ्ट करती है उनके लिए ये बेस्ट एप है। ये एप ग्राहक को सेफ्टी ऑडिट करने कहती है। जिसमें 1 से 5 तक के स्केल पर आपको रेट करना है कि जहां से आप गुजरती है उस जगह पर आप कितना सुरक्षित मेहसूस करती है। उन जगह की आपको फोटो क्लिक कर उसे रेटिंग देनी है। इसके बाद जब भी आप कोई असुरक्षित जगह से गुजरेंगी ये एप आपके परिवालों को नोटीफिकेशन भेज देगा। ये एप एंड्रॉएड और आइओएस दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम पर उपलब्ध है। 
 
बुक माई बाई
यह एप आपको एक विश्वास करने योग्य हेल्पर को ढूंढने में मदद करती है। इस एप की मदद से हजारों महिलाओं को रोजगार मिला है। ये महिलाएं महीने में 4 हजार से 12 हजार तक कमा लेती है।
 
एडवांसेल्स
2013 में विपुल जैन द्वारा यह एप बनाई गई थी। विपुल एक व्यवसायी है। देशभर में स्टैम सेल के थैरिपी के लिए यह एप काम करती है। एडवांसेल्स एप स्टैम सेल के ट्रीटमेंट से एंटी एजिंग के लिए भी  उपचार करती है।


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