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इन नुस्खों को अपनाकर इस बीमारी से आराम पाए

रिह्यूमेटॉइड अर्थराइटिस (RA) एक ऐसी समस्या है जिसमें बैक्टीरिया तथा वायरस से लड़ने वाली शरीर की प्रतिरोधक प्रणाली गलती से आपको जॉइंट्स को ही तकलीफ पहुंचाती है। इस तरह के अर्थराइटिस की वजह से अधिकतम लोगों को कूल्हों , घुटनों  और हाथों में दर्द की समस्या हो जाती है।

 40 की उम्र के बाद पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में अर्थराइटिस की समस्या ज्यादा हो जाती है। आम तौर पर डॉक्टर अर्थराइटिस के लिए या तो पेन किलर देते हैं या फिर ऐसी डोज जिसके साइड  इफेक्ट हो जाते हैं। लेकिन अर्थराइटिस की तकलीफ से आराम पाने के लिए आप कई देसी इलाज भी आजमा सकते हैं।

> एक्यूपंचर - 
ये एक  चीनी उपचार का तरीका है। एक्यूपंचर में आपके शरीर के कुछ खास हिस्सों पर सूईयां घुसाई जाती हैं जिससे नसों, मांस्पेशियों और जोड़ने वाले टिशू पर असर पड़े। इस तरीके से अर्थराइटिस के दर्द में काफी आराम मिलता है। एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि जॉइंट, गले, दांत, जैसे दर्दों में ये तकनीक काफी सहायक है।


> वजन कम करना
एक पाउंड भी वजन कम करने से आपके सूजे हुआ और दर्द देने वाले जोड़ पर चार पाउंड प्रेशर कम हो जाता है। इसलिए वजन को नियंत्रित रखें .

> मसाज
अर्थराइटिस फाउंडेशन का मानना है कि यदि आपके जोड़ अधिक कमजोर हैं तो आपको मसाज से दूर रहना चाहिए। मसाज तमाम तरह के जोड़ों के दर्द और खिंचाव से निजात पाने के सबसे सरल तरीकों में से एक है। 


> ताई-ची
'Tai Chi' एक और चीनी तरीका है दर्द को कम करने का। इसमें हल्के लहराते हुए मूवमेंट, लंबी सांस और मेडिटेशन का इस्तेमाल होता है, जिससे जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। इतना ही नहीं इससे आप बेहतर ढंग से चल-फिर सकते हैं और बाकी कार्य भी कर सकते हैं।

> मछली खाएं
मछली में भरपूर मात्रा में ऐसे तत्व होते हैं जो ओमेगा-3 फैटी एसिड से लड़ते हैं। इसी लिए एक हफ्ते में लगभग दो दो बार करीब 100 ग्राम मछली खाना आपके दर्द के लिए अच्छा है। इसके लिए आप सालमन, टूना, माकेरेल और हेरिंग मछलियां चुन सकते हैं।


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