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आज राष्ट्रीय लोक दल की 40वीं वर्षगांठ मानाई गई

मेरठ 12 जनवरी 2018 ।

आज राष्ट्रीय लोक दल कैम्प कार्यालय 73 बाउंड्री रोड़, लालकुर्ती मेरठ पर राष्ट्रीय लोक दल पदाधिकारीयों व कार्यकर्ताओं द्वारा बैठक में केक काटकर अल्पसंख्यक आयोग के गठन की 40वीं वर्षगांठ मानाई गई तथा पत्रकार वार्ता आयोजित की गई ।
इस मौके पर पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव राष्ट्रीय लोक दल डा० मैराजूद्दीन ने बताया कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री परम श्रद्धेय स्व० चौधरी चरण सिंह जी ने भारत सरकार में गृह मंत्री रहते 12.01.1978 को अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना की । जिसमें विषेशरूप से उल्लेख किया गया था कि संविधान तथा कानून में संरक्षण प्रदान किए जाने के बावजूद अल्पसंख्यक असमानता एवं भेदभाव को महसूस करते हैं। इस क्रम में यह धर्मनिरपेक्ष परंपरा को बनाए रखने के लिए तथा राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षा उपायों को लागू करने पर विषेश बल देता है तथा समय-समय पर लागू होने वाली प्रशासनिक योजनाओं, अल्पसंख्यकों के लिए संविधान, केंद्र एवं राज्य विधानमंडलों में लागू होने वाली नीतियों के सुरक्षा उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु प्रभावषाली संस्था की व्यवस्था करना होता है । वर्ष 1984 में कुछ समय के लिए अल्पसंख्यक आयोग को गृह म़ंत्रालय से अलग कर दिया गया था तथा कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत नए रूप में गठित किया गया।
कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 23 अक्टूबर 1993 को अधिसूचना जारी कर अल्पसंख्यक समुदायों के तौर पर पांच धार्मिक समुदाय यथा मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध तथा पारसी समुदायों को अधिसूचित किया गया था।
27 जनवरी 2014 को केन्द्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने राष्‍ट्रीय अल्‍पसंख्‍यक आयोग कानून 1992 की धारा 2 के अनुच्‍छेद (ग) के अंतर्गत प्राप्‍त अधि‍कारों का उपयोग करते हुए, जैन समुदाय को भी अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के रूप में अधि‍सूचि‍त कर दि‍या।
आयोग को निम्नलिखित कार्यों के सम्पादन का आदेश दिया गया हैः-

1. संघ तथा राज्यों के अर्थात अल्पसंख्यकों की उन्नति तथा विकास का मूल्यांकन करना।

2. संविधान में निर्दिष्ट तथा संसद और राज्यों की विधानसभाओं/परिषदों के द्वारा अधिनियमित कानूनों के अनुसार अल्पसंख्यकों के संरक्षण से संबधित कार्यों की निगरानी करना।

3. केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकारों के द्वारा अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा के लिए संरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अनुषंसा करना।

4. अल्पसंख्यकों को अधिकारों तथा संरक्षण से वंचित करने से संबधित विषेश षिकायतों को देखना तथा ऐसे मामलों की संबधित अधिकारियों के सामने प्रस्तुत करना।

5. अल्पसंख्यकों के विरूद्ध किसी भी प्रकार के भेदभाव से उत्पन्न समस्याओं के कारणों का अध्ययन और इनके समाधान के लिए उपायों की अनुषंशा करना।

6. अल्पसंख्यकों के सामाजिक आर्थिक तथा षैक्षणिक विकास से संबधित विशयों का अध्ययन, अनुसंधान तथा विष्लेशण की व्यवस्था करना।

7. अल्पसंख्यकों से संबधित ऐसे किसी भी उचित कदम का सुझाव देना जिसे केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकारों के द्वारा उठाया जाना है।

8. अल्पसंख्यकों से संबधित किसी भी मामले विषेशतया उनके सामने होने वाली कठिनाइयों पर केन्द्रीय सरकार हेतु नियतकालिक या विशेष रिपोर्ट तैयार करना है ।

9. कोई भी अन्य विशय जिसे केन्द्रीय सरकार के सामने प्रस्तुत किया जा सकता है, रिपोर्ट तैयार करना।

इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष सैनिक प्रकोष्ठ कर्नल ब्रह्मपाल तोमर , पूर्व विधायक परवेज हलीम, चौधरी राजेन्द्र सिंह चिकारा, सुनील रोहटा, नरेन्द्र खजूरी, अनीस कुरेशी, चौधरी रतन सिंह,विकास सिंह भैंसा, योगेश फौजी, डा० सुशील ,  ऐनूद्दीन शाह, कंवलजीत सिंह, सोहराब ग्यासी, एड० नायब अली, जिशान अली,  ओमप्रकाश केन, बिजेन्द्र सिंह, जैगम नकवी,  बिल्लू भलसोना, नासिर अंसारी, मोहम्मद अंसारी अखलाक, फैसल हाशमी आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहें ।


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