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​CCSU में चल रहा है अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

मैथ प्राचीन काल से हमारी ताकत रहा है। इसका उपयोग साइंस की हर विद्या में किया जाता है। कला विषयों में भी व्यापक रूप से मैथ्स का उपयोग किया जाता है। धरती से चांद की दूरी मापना हमने दुनिया को बताया। यह बातें सीसीएसयू की इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ फिजिकल साइंस द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में डॉ. दिवाकर पांडे ने कहीं।  

दूसरे व्याख्यान में डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या से आए प्रो. सीके मिश्रा ने कहा कि वक्रता समानता का उपयोग भौतिक विज्ञान एवं रिलेटिवटी थ्योरी में भी किया जाता है। वक्रता समानता का उपयोग फिंसलर ज्यामिति एवं रिमानियन ज्यामिति में भी किया जाता है। यूके से आए प्रो. प्रमोद गौड़ ने कहा कि विभिन्न प्रकार की बीमारियों की जानकारी करने के लिए कंप्यूटर मॉडल का उपयोग किया जाता है। विभिन्न प्रकार का कंप्यूटर मॉडल का उपयोग अल्जाइमर जैसे बीमारियों में किया जाता है। संयुक्त अरब अमीरात से आए प्रो. संजय त्यागी ने अस्पष्ट वातावरण में गणित का मॉडल प्रस्तुत किया। प्रो. संजीव कुमार आगरा विश्वविद्यालय ने बीमा सेक्टर में फर्जी सेट के उपयोग के बारे में भी सूचना दी। कोलकाता विश्वविद्यालय से आए प्रो. यूसी डे ने डिफरेंशियल ज्यामिति विषय में विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्रो. अनिल वशिष्ठ कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी ने थर्मोइलेस्टिक सवरेट एवं हीट सोर्स के बारे में विस्तार से व्याख्यान दिया। एचएस शुक्ला गोरखपुर विश्वविद्यालय व्याख्यान में ज्यामिति ऑफ कंफर्मल बीटाचेंज ऑफ फिंसलर मैट्रिक के बार में बताया।

प्रो. एमनाम रोहन एनआईटी मणिपुर, अमित मिश्रा, शर्मिष्ठा मिश्रा, एससी मलिक, यूसी नेगी, केसी पेटवाल ने भी व्याख्यान प्रस्तुत किए। आयोजन में प्रो. शिवराज सिंह और डॉ. राजेष ढंगवाल ने अध्यक्षता की। इस दौरान आयोजन कनवीनर प्रो. जयमाला, सचिव डॉ. मुकेश कुमार शर्मा, प्रो. मृदुल कुमार गुप्ता, चीफ प्रॉक्टर प्रो. वीरपाल,  प्रो. आरके सोनी, प्रो. हरे कृष्णा, प्रो. राकेश गुप्ता, डॉ. भूपेंद्र राणा, डॉ. प्रदीप चौधरी, डॉ. अनिल मलिक, एवं डॉ. योगेंद्र गौतम मौजूद रहे।


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