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आगामी सत्र में भी नए B.Ed कॉलेज नहीं खुल सकेंगे

नेशनल काउंसिल फोर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) ने देशभर में सत्र 2019-20 में किसी नए बीएड कॉलेज को मान्यता नहीं देने का फैसला किया है। आगामी सत्र में एनसीटीई बीएड कॉलेज खोलने के लिए कोई आवेदन नहीं लेगा। साथ ही देशभर के किसी बीएड कॉलेज में सीटों में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। इसकी अधिसूचना एनसीटीई के मेंबर सेक्रेट्री संजय अवस्थी की ओर से जारी की गई है। एनसीटीई की देश में जहां भी बीएससी बीएड और बीए बीएड इंट्रीग्रेटेड कोर्स के रूप में चल रहा है वहां सीटों में भी बढ़ोतरी नहीं होगी। बिहार के एनओयू ने बीएड कोर्स में 500 से 1000 सीटें बढ़ोतरी के लिए आवेदन दिया था। इनकी सीटें भी अब नहीं बढ़ेंगी। बिहार में वर्तमान समय में 362 बीएड कॉलेज हैं। 
 
वर्ष 2018-19 में भी लगी थी रोक
देशभर के विश्वविद्यालयों व निजी संस्थानों की ओर से जिस तरह बीएड व टीचर एजुकेशन प्रोग्राम के लिए कोर्स खोले जा रहे थे, उससे कई सवाल उठने लगे थे। एनसीटीई द्वारा बिना जांच किए लगातार बीएड कोर्स खोलने की अनुमति दी जा रही थी। टीचरों की कमी, इंफ्रास्ट्रक्चर के अभाव के बावजूद संस्थानों को मान्यता दी जा रही थी। इसी वजह से वर्ष 2018-19 में रोक लगी थी।
 
कई राज्य सरकारों ने एनसीटीई को लिखा था पत्र
केन्द्र शासित और राज्य सरकारों ने एनसीटीई को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया था कि जिस तरह से बीएड कोर्स खोले जा रहे हैं सही नहीं है। इसपर नियंत्रण जरूरी है। कई राज्य सरकारों व केन्द्र शासित राज्यों से मिले आवेदन के बाद ही एनसीटीई ने बड़ा फैसला लिया था। बीएड कॉलेज खोलने के लिए आवेदन ही नहीं लेने का फैसला किया है। इसपर अंकुश लगाने की पहल की है।
 
बिहार से भेजे गए आवेदन पर पहल नहीं
एनसीटीई की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि आने वाले दिनों में इनफॉरमेंशन टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाएगा। पूरी पारदार्शिता के साथ आने कोर्स कराने वाले संस्थानों को एनसीटीई की ओर से कोर्स करने के लिए मान्यता दी जाएगी। एनसीटीई को बिहार के कई जिलों से बीएड कोर्स खोलने के लिए आवेदन भेजा गया था। इनपर अब एनसीटीई कोई पहल नहीं करेगी।


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