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जानिए 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज में किसे क्या-क्या मिलेगा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज से जुड़ी जानकारियां दी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार अब अगस्‍त तक कंपनी तथा कर्मचारियों की ओर से 12 प्रतिशत +12 प्रतिशत की रकम EPFO में जमा करेगी. इससे करीब 75 लाख से अधिक कर्मचारियों तथा संस्थाओं को लाभ मिलेगा. बता दें कि, मार्च, अप्रैल तथा मई में भी सरकार ने ही कंट्रीब्‍यूट किया था. मतलब ये कि इस सुविधा को 3 माह के लिए बढ़ा दिया गया है.

1- इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ा दी गई है. इसे 30 सितंबर कर दिया गया है. इसी तरह विवाद से विश्‍वास स्‍कीम की डेडलाइन को 31 दिसंबर 2020 तक कर दी गई है. पहले ये 30 जून तक के लिए था.
2- टैक्‍सपेयर्स को 31 मार्च 2021 तक टीडीएस कटौती में 25 फीसदी की राहत मिली है. बता दें कि सरकार टीडीएस (TDS) के जरिये टैक्स जुटाती है. टीडीएस विभिन्न तरह के आय के स्रोत पर काटा जाता है. इसमें सैलरी, किसी निवेश पर मिले ब्याज या कमीशन आदि शामिल हैं.
3- रियल एस्टेट के मामले में एडवाइजरी जारी होगा कि सभी प्रोजेक्ट्स को मार्च से आगे 6 महीने तक मोहलत दी जाए.
4- डिस्कॉम यानी बिजली वितरण कंपनियों की मदद के लिए इमरजेंसी लिक्विडिटी 90,000 करोड़ रुपये दी जाएगी.
5- नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के लिए 30,000 करोड़ की विशेष लिक्विडिटी स्कीम लाई जा रही है. इससे नकदी का संकट नहीं रह जाएगा.
6- एनबीएफसी को 45,000 करोड़ की पहले से चल रही योजना का विस्तार होगा. वहीं आंशिक ऋण गारंटी योजना का विस्तार होगा, इसमें डबल ए या इससे भी कम रेटिंग वाले एनबीएफसी को भी कर्ज मिलेगा.

इसी के साथ ईपीएफ पर बड़ी राहत मिलेगी
1- मगर इसके साथ कुछ शर्तें हैं. सरकार की इस घोषणा का लाभ केवल उन्हीं कंपनियों को मिलेगा, जिनके पास 100 से कम कर्मचारी है और 90 प्रतिशत कर्मचारी की सैलरी 15,000 रुपये से कम है. यानी 15 हजार से अधिक तनख्वाह पाने वालों को इसका प्रतिशत नहीं मिलेगा.
2- कर्मचारियों का 12 प्रतिशत के स्थान पर 10 प्रतिशत ईपीएफ कटेगा. हालांकि पीएसयू में 12 प्रतिशत ही ईपीएफ कटेगा.

वहीं इसी के साथ एमएसएमई सेक्‍टर की परिभाषा बदल दी गई

1- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि, एमएसएमई यानी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग की परिभाषा भी परिवर्तित कर दी गई है. इसमें निवेश की लिमिट में परिवर्तन किया गया है. 1 करोड़ निवेश या 10 करोड़ टर्नओवर पर सूक्ष्म उद्योग का दर्जा दिया जाएगा.
2- इसी पाकर 10 करोड़ निवेश या 50 करोड़ टर्नओवर पर लघु उद्योग का दर्जा दिया जाएगा. वहीं 20 करोड़ निवेश या 100 करोड़ टर्नओवर पर मध्यम उद्योग का दर्जा होगा.निर्मला सीतारमण ने बताया कि मौजूदा दौर में ट्रेड फेयर संभव नहीं है.
3- 200 करोड़ तक का टेंडर ग्‍लोबल नहीं होगा. यह एमएसएमई के लिए बड़ा कदम है. इसके अतिरिक्त एमएसएमई को ई-मार्केट से जोड़ा जाएगा. सरकार एमएसएमई के बाकी पेंमेंट 45 दिनों के अंदर करेगी.
4- वित्त मंत्री के अनुसार 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज में से 3 लाख करोड़ एमएसएमई यानी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग को जाएंगे. इनको बिना गारंटी लोन मिलेगा. इसकी समयसीमा 4 साल की होगी. इन्‍हें 12 महीने की छूट मिलेगी. ये ऑफर 31 अक्‍टूबर 2020 तक के लिए है.
5- वित्त मंत्री के मुताबिक जो एमएसएमई तनाव में हैं उन्‍हें सबआर्डिनेट डेट के माध्यम से 20000 करोड़ की नकदी की व्यवस्था की जाएगी. बता दें कि एसएमई में लघु और मझोले कारोबार आते हैं.
6- वित्त मंत्री के अनुसार एमएसएमई जो सक्षम हैं, मगर कोरोना के कारण परेशान हैं, उन्हें कारोबार विस्तार के लिए 10,000 करोड़ के फंड्स ऑफ फंड के माध्यम से सहायता दी जाएगी.
7- वित्त मंत्री के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र को बैंकों से जुड़े सुधार, बैंकों के रिकैपिटलाइजेशन जैसे काम किए गए.
8- वित्त मंत्री के अनुसार 41 करोड़ जनधन अकाउंट होल्डर्स के खाते में डीबीटी ट्रांसफर किया गया है.


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